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उत्तराखंडप्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’ के तहत 34 बेटियों की बाधित शिक्षा पुनर्जीवित

 

उत्तराखंडप्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’ के तहत 34 बेटियों की बाधित शिक्षा पुनर्जीवित

उत्तराखंड

प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’ के तहत 34 बेटियों की बाधित शिक्षा पुनर्जीवित

 

 

डीएम सविन बसंल ने वितरित किए चेक, 9 लाख से पुनः शुरू हुई पढ़ाई

 

देहरादून ,मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में संचालित प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’ के 13वें संस्करण का आयोजन शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी सविन बसंल ने 34 जरूरतमंद बालिकाओं को 9 लाख रुपये की धनराशि के चेक वितरित कर उनकी बाधित शिक्षा को पुनर्जीवित किया। अब तक इस योजना के माध्यम से लगभग 62 लाख रुपये की धनराशि से 126 बालिकाओं की शिक्षा को पुनः प्रारंभ कराया जा चुका है।

जिलाधिकारी ने कहा कि बालिकाएं नंदा-सुनंदा देवियों के समान हैं। “हमने नंदा-सुनंदा देवियों को नहीं देखा, पर इन बालिकारूपी देवियों की शिक्षा पुनर्जीवित कर उन्हें योग्य बनाना ही उनकी सच्ची वंदना है।” उन्होंने बालिकाओं से शिक्षा के प्रति अपनी ललक बनाए रखने और महापुरुषों की जीवनी पढ़कर जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

 

स्कूलों का असंवेदनशील रवैया, प्रशासन ने संभाली जिम्मेदारी

 

आर्थिक तंगी के कारण फीस जमा न होने पर कुछ विद्यालयों द्वारा छात्राओं को 15-15 दिन तक स्कूल से बाहर खड़ा रखना और परीक्षा से वंचित करने जैसी स्थितियां सामने आई थीं। ऐसे में जिला प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए न केवल फीस जमा कराई, बल्कि बालिकाओं की शिक्षा को पुनः पटरी पर लाया।

 

गंभीर पारिवारिक परिस्थितियों से जूझ रहीं बालिकाओं को मिली राहत

 

प्रोजेक्ट के तहत जिन बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई, उनमें कैंसर पीड़ित पिता की पुत्री सृष्टि (बीसीए 5वां सेमेस्टर), पैरालाइज्ड पिता की पुत्री शिवांगी (बीएजे एंड एमसी डिजिटल द्वितीय सेमेस्टर) सहित कई ऐसी बालिकाएं शामिल हैं जिनके पिता का देहांत हो चुका है या परिवार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है।

 

अलाईना रावत (बीएससी नर्सिंग), आकृति बडोनी (बी-कॉम), तनिका (कक्षा 10), लावण्या (कक्षा 9), दिव्या (कक्षा 6), नंदनी (यूकेजी), ईशिका (कक्षा 3) सहित 34 बालिकाओं की पढ़ाई योजना के माध्यम से पुनः शुरू कराई गई।

 

परिजनों ने मा० मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक तंगी के चलते बेटियों की पढ़ाई छूटने की कगार पर थी, परंतु ‘‘नंदा-सुनंदा’’ योजना ने उनके भविष्य को नई दिशा दी है।

 

कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित बालिकाओं के अभिभावक उपस्थित रहे।

 

 

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