सेतु आयोग ने देहरादून में नीति आयोग के स्टेट सपोर्ट मिशन के तहत एक क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें देश के 10 राज्यों के संस्थागत प्रतिनिधि और राज्य योजना आयोग के अधिकारी शामिल हुए। इस सम्मेलन में नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य परिवर्तन संस्थानों के प्रतिनिधि, विषय विशेषज्ञ और अन्य महत्वपूर्ण लोगों ने विचार साझा किये। सम्मेलन में मुख्य अतिथि डॉ. विजय सारस्वत ने कहा कि ’विकसित भारत’ का सपना, “विकसित राज्यों“ से ही शुरू होता है। उन्होंने कहाकि राज्यों की नीतियों का उनके अपने हालात और जरूरतों के हिसाब से बनना बहुत जरूरी है, जिससे हर किसी का विकास हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि कई राज्यों में संसाधनों की कमी एक बड़ी चुनौती है, और स्टेट सपोर्ट मिशन का उद्देश्य इन्हीं चुनौतियों को दूर करना है। राज्य सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राज शेखर जोशी ने राज्यों की विकास रणनीतियों और प्रधानमंत्री के “विकसित भारत 2047“ के विजन के तहत राज्यों की जीडीपी बढ़ाने के लिए कौशल विकास की अहमियत बताई। उन्होंने आपसी सहयोग, तकनीक, सरकारी योजनाओं के अच्छे क्रियान्वयन और लगातार निगरानी की जरूरत पर भी जोर दिया। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने विकसित और सशक्त उत्तराखंड के विजन को हासिल करने के लिए डेटा आधारित जिला योजना की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सेतु आयोग से अनुरोध किया कि वह इस पहल को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाए।