Tranding

Date & Time
, |

ADS 500/50

उत्तराखंड में 48 घंटे का ऑरेंज अलर्ट! भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा, इन जिलों में रहें सतर्क

उत्तराखंड में मौसम विभाग ने 29 और 30 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज बौछार की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है।

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) देहरादून ने 29 और 30 जुलाई के लिए राज्य के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज बारिश की संभावना जताई है।

मौसम विभाग के अनुसार आज 29 जुलाई को देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने और तेज गर्जना की भी आशंका जताई है। वहीं 30 जुलाई को बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा उत्तरकाशी, देहरादून, पौड़ी, टिहरी और नैनीताल में भी भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।

प्रशासन और आपदा प्रबंधन अलर्ट पर

उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने सभी जिला प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने, राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है।

लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई सड़क मार्ग मलबा आने से बाधित हो गए हैं, जिससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे जोखिम और बढ़ गया है।

स्कूलों की छुट्टी, लोगों से सतर्क रहने की अपील

खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों में जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना आवश्यक कारण के यात्रा से बचें और यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और सड़क मार्ग की ताजा जानकारी अवश्य लें।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर रखें।
नदी-नालों और भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों से दूर रहें।
खराब मौसम में पहाड़ी यात्रा से बचें।
किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की हेल्पलाइन से संपर्क करें।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ADS Image

Scroll to Top