अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीनों गुनहगारों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। भाजपा सरकार की तत्परता और सख्ती से यह संभव हो सका। कांग्रेस शासन में जो अपराधी बेखौफ घूमते थे, आज सलाखों के पीछे हैं। महिला आईपीएस की अध्यक्षता में बनी एसआईटी ने 500 पन्नों की चार्जशीट और 100 गवाहों के बयान दर्ज किए, जिससे अपराधियों की जमानत तक खारिज हो गई। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस अब राजनीतिक लाभ के लिए इस मामले का इस्तेमाल कर रही है, जबकि खुद के कार्यकाल में महिलाओं की सुरक्षा की हालत दयनीय थी। धामी सरकार ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दी, सरकारी नौकरी दी, और निष्पक्ष जांच करवाई। यह दिखाता है कि भाजपा सरकार अपराधियों को सजा दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।