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समाजवादी पार्टी प्रदेश कार्यालय में “हिमालय पुत्र” स्वर्गीय विनोद बड़थ्वाल की पुण्यतिथि पर सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की

आज समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में “हिमालय पुत्र” स्वर्गीय विनोद बड़थ्वाल की दसवीं पुण्यतिथि पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

सभा में पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष शुभम गिरी ने कहा कि विनोद बड़थ्वाल का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। वहीं राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सत्यनारायण सचान ने उन्हें सिद्धांतवादी और जनहित के प्रति समर्पित नेता बताया, जिन्होंने उत्तराखंड के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

कार्यक्रम में धर्मगुरु दिवाकर आश्रम की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने बड़थ्वाल के जीवन और कार्यों को प्रेरणादायक बताते हुए पार्टी नेताओं से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया, ताकि संगठन को और मजबूती मिल सके।

 

इस श्रद्धांजलि सभा में हेमा बोरा (प्रदेश उपाध्यक्ष), गुड्डी चौधरी, जोशना रावत, लियाकत अब्बासी, बदरू राजा (प्रदेश अध्यक्ष, अल्पसंख्यक सभा), आजाद चौधरी, विभोर नेत्रपाल और पूर्व प्रदेश महासचिव अतुल शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे

 

विनोद बड़थ्वाल: एक संक्षिप्त परिचय

विनोद बड़थ्वाल (1957–2016) उत्तराखंड के वरिष्ठ समाजवादी नेता, आंदोलनकारी और लेखक थे। उन्होंने पृथक उत्तराखंड राज्य के निर्माण में अहम भूमिका निभाई।

वे हेमवती नंदन बहुगुणा के राजनीतिक शिष्य माने जाते थे।

1994 में मुलायम सिंह यादव द्वारा गठित उत्तराखंड राज्य पुनर्गठन समिति के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने राज्य गठन का प्रारंभिक दस्तावेज तैयार किया।

राज्य गठन के बाद वे समाजवादी पार्टी के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय महासचिव रहे।

12 अप्रैल 2016 को गुरुग्राम में लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया। वे अपने सिद्धांतों, संघर्ष और जनसेवा के लिए आज भी याद किए जाते हैं।

 

 

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