Tranding

Date & Time
, |

ADS 500/50

शिव नाडर फाउंडेशन–ऑक्सफोर्ड सईद इंडियाज़ बेस्ट टीचर्स अवॉर्ड्स 2026 के राष्ट्रीय फाइनल के लिए 79 स्कूल शिक्षक चयनित

32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 9,400 से अधिक पंजीकरण के बाद हुआ चयन; 4 सितंबर को शिव नाडर यूनिवर्सिटी, दिल्ली-एनसीआर में आयोजित होगा राष्ट्रीय फाइनल

देहरादून- 30 अगस्त 2026: देशभर के सरकारी और निजी स्कूलों के 79 शिक्षकों को शिव नाडर फाउंडेशन–ऑक्सफोर्ड सईद इंडियाज़ बेस्ट टीचर्स अवॉर्ड्स 2026 के पहले संस्करण के राष्ट्रीय फाइनल के लिए चुना गया है। 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से इस पुरस्कार के लिए 9,400 से अधिक पंजीकरण प्राप्त हुए थे।

बिहार, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, गुजरात, उत्तर प्रदेश, सिक्किम, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से चयनित फाइनलिस्ट 3 से 5 सितंबर के बीच ग्रेटर नोएडा पहुंचेंगे। राष्ट्रीय फाइनल 4 सितंबर 2026 को शिव नाडर यूनिवर्सिटी, दिल्ली-एनसीआर में आयोजित होगा। शिक्षक आठ विषय श्रेणियों—बिजनेस स्टडीज एवं एंटरप्रेन्योरशिप, कंप्यूटर साइंस, इकोनॉमिक्स, इंग्लिश, एनवायरनमेंटल साइंस, जियोग्राफी, मैथमेटिक्स और फिजिक्स—में प्रतिस्पर्धा करेंगे।

शिव नाडर फाउंडेशन और यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के सईद बिजनेस स्कूल द्वारा स्थापित ये पुरस्कार कक्षा 9 से 12 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों को कक्षा में उत्कृष्ट शिक्षण, पढ़ाने के नए तरीकों, विद्यार्थियों पर प्रभाव तथा अपने स्कूलों और समुदायों में नेतृत्व के लिए सम्मानित करते हैं। चयन प्रक्रिया में केवल शैक्षणिक योग्यता या शिक्षण अनुभव की अवधि को ही आधार नहीं बनाया गया, बल्कि इस बात पर भी ध्यान दिया गया कि शिक्षक अपने विषय के ज्ञान को प्रभावी ढंग से विद्यार्थियों तक पहुंचाने और बेहतर सीखने के अनुभव में किस तरह बदलते हैं।

इस पहले संस्करण में देशभर से मिली भागीदारी भारत की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में शिक्षण के विविध तरीकों को दर्शाती है। महानगरों के बड़े स्कूलों से लेकर छोटे शहरों और विभिन्न समुदायों के विद्यार्थियों को शिक्षा देने वाले संस्थानों तक के शिक्षकों ने इसमें भाग लिया। सरकारी और निजी, दोनों तरह के स्कूलों के शिक्षकों से एंट्रीज़ मिलीं।

राष्ट्रीय फाइनल में प्रत्येक फाइनलिस्ट अपने कार्य को विषय से जुड़ी जूरी के सामने प्रस्तुत करेगा। इस जूरी में यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के शिक्षाविदों के साथ भारत के प्रमुख शिक्षाविद और शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होंगे। प्रस्तुतियों के बाद जूरी शिक्षकों से सवाल पूछेगी और अंतिम मूल्यांकन के आधार पर राष्ट्रीय विजेताओं का चयन किया जाएगा।

फाइनलिस्ट का चयन विषय-विशेष के आधार पर तैयार कई चरणों की मूल्यांकन प्रक्रिया के जरिए किया गया है। इसमें विषय की अवधारणाओं की सटीक समझ, कक्षा में पढ़ाने के तरीके, मूल्यांकन और फीडबैक, समावेशी शिक्षा, विद्यार्थियों की भागीदारी, सीखने के प्रमाण और प्रभावी शिक्षण पद्धतियों को अन्य शैक्षणिक परिस्थितियों में अपनाने की संभावनाओं जैसे पहलुओं को परखा गया। राष्ट्रीय फाइनलिस्टों में से 16 शिक्षकों को विजेता चुना जाएगा। सरकारी और निजी स्कूलों के लिए अलग-अलग श्रेणियों के साथ-साथ सभी आठ विषयों में शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।

ये पुरस्कार राष्ट्रीय स्तर पर पहचान के साथ विजेता शिक्षकों को अपने पेशेवर विकास का अवसर भी प्रदान करेंगे। 16 विजेता शिक्षकों को पांच सप्ताह के हाइब्रिड प्रोफेशनल डेवलपमेंट प्रोग्राम में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जिसका उद्देश्य प्रतियोगिता से आगे भी उनके सीखने और शिक्षण अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।

इसके बाद विजेता शिक्षकों को यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के सईद बिजनेस स्कूल में विशेष रूप से तैयार एक सप्ताह के आवासीय लर्निंग एंड डेवलपमेंट प्रोग्राम में भाग लेने के लिए पूरी तरह फंडेड स्कॉलरशिप दी जाएगी। इस कार्यक्रम के दौरान विजेता शिक्षक गहन अध्ययन, विचार-विमर्श और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का अवसर प्राप्त करेंगे। यह कार्यक्रम भारत में उनके कक्षा शिक्षण के अनुभव को नेतृत्व, शिक्षण पद्धतियों और शिक्षा में बदलाव से जुड़े व्यापक दृष्टिकोण से जोड़ेगा।

पेशेवर विकास का यह पहलू इन पुरस्कारों की प्रमुख विशेषताओं में से एक है। इस पहल का उद्देश्य केवल किसी एक समय पर उत्कृष्ट शिक्षण को सम्मानित करना नहीं है, बल्कि ऐसे शिक्षकों के विकास में निवेश करना भी है, जो प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद भी अपने सहकर्मियों, स्कूलों और समुदायों को सकारात्मक रूप से प्रभावित करते रहें।

4 सितंबर को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय फाइनल में देशभर से आए फाइनलिस्ट अपनी प्रस्तुतियां देंगे और जूरी विजेताओं के चयन पर विचार करेगी। यह आयोजन फाइनलिस्टों को विभिन्न स्कूल प्रणालियों, क्षेत्रों और विषयों में कार्यरत अन्य शिक्षकों से मिलने और विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर भी देगा। इस तरह यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि शिक्षण से जुड़े अनुभवों और विचारों के आदान-प्रदान का एक राष्ट्रीय मंच भी बनेगा।

1994 में स्थापित शिव नाडर फाउंडेशन ने स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, ग्रामीण शिक्षा, साक्षरता और कला के क्षेत्रों में विभिन्न संस्थानों और पहलों की स्थापना की है। फाउंडेशन का दृष्टिकोण लंबे समय तक टिकने वाले संस्थान बनाने और सामाजिक बदलाव के माध्यम के रूप में शिक्षा को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रहा है।

फाइनलिस्टों की पूरी सूची इंडियाज़ बेस्ट टीचर्स अवॉर्ड्स की वेबसाइट पर उपलब्ध है: India’s Best Teachers’ Awards website – https://www.sbs.ox.ac.uk/about/indias-best-teachers-awards

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Category Not Found!

ADS Image

Scroll to Top