कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय
देहरादून। उत्तराखण्ड मंत्रिमंडल की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट द्वारा लिए गए प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं—

1. स्वास्थ्य कर्मियों के जनपद परिवर्तन को मंजूरी
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के ऐसे स्वास्थ्य कार्यकर्ता/स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, जिन्होंने अपने मूल संवर्ग में न्यूनतम 05 वर्ष की संतोषजनक सेवा पूर्ण कर ली है, उन्हें पूरे सेवाकाल में एक बार आपसी सहमति (Mutual Understanding) के आधार पर जनपद परिवर्तन की अनुमति दी जाएगी। इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान की।
2. आपसी समझौते से भूमि प्राप्ति की नई प्रक्रिया
राज्य में लघु, मध्यम एवं वृहद परियोजनाओं हेतु भू-स्वामियों से आपसी समझौते के आधार पर भूमि प्राप्ति की प्रक्रिया को कैबिनेट ने मंजूरी दी।
इसका उद्देश्य भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के तहत लगने वाले अत्यधिक समय को कम करना तथा सीधे भूमि क्रय को प्रोत्साहित करना है। इससे मुकदमेबाजी में कमी आएगी और जनहित परियोजनाओं की लागत भी घटेगी।
3. प्राग फार्म भूमि से संबंधित शासनादेश में संशोधन
जनपद ऊधमसिंहनगर स्थित प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि को औद्योगिक आस्थान विकसित करने हेतु सिडकुल को हस्तांतरित किए जाने संबंधी शासनादेश (संख्या-670, दिनांक 25 मार्च 2025) में संशोधन को कैबिनेट ने मंजूरी दी।
संशोधन के तहत औद्योगिक विकास विभाग के माध्यम से, राजस्व विभाग की सहमति से, समान प्रयोजन हेतु उप-पट्टा (Sub-Lease) देने का अधिकार प्रदान किया गया है।
4. जनजाति कल्याण विभाग के ढांचे का पुनर्गठन
अनुसूचित जनजाति बाहुल्य जनपद देहरादून, चमोली, ऊधमसिंहनगर एवं पिथौरागढ़ में 4 जिला जनजाति कल्याण अधिकारी के पद सृजित किए गए हैं।
इन पदों को सेवा नियमावली में शामिल करने हेतु उत्तराखण्ड जनजाति कल्याण राजपत्रित अधिकारी सेवा (संशोधन) नियमावली, 2025 के प्रख्यापन को कैबिनेट ने स्वीकृति दी।
5. गैर-कृषिकारी उपयोग हेतु भू-जल पर जल मूल्य लागू
राज्य में भू-जल के अनियंत्रित दोहन को रोकने एवं जल प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गैर-कृषिकारी उपयोग हेतु भू-जल निकासी पर जल मूल्य/प्रभार की दरें तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया गया।
औद्योगिक, वाणिज्यिक एवं रेजीडेंशियल अपार्टमेंट/ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के लिए ₹5000 पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है।
6. देहरादून में निजी विश्वविद्यालय की स्थापना
राज्य को शिक्षा हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए जनपद देहरादून में “जी.आर.डी. उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय” की स्थापना को कैबिनेट ने मंजूरी दी।
विश्वविद्यालय का उद्देश्य नवाचार आधारित शिक्षा, शोध को बढ़ावा देना, वंचित वर्गों को शिक्षा उपलब्ध कराना तथा रोजगार के अवसर सृजित करना है।
7. चिन्यालीसौड़ व गौचर हवाई पट्टियों का हस्तांतरण
उत्तरकाशी स्थित चिन्यालीसौड़ एवं चमोली स्थित गौचर हवाई पट्टियों को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानते हुए संयुक्त नागरिक एवं सैन्य संचालन हेतु लीज के आधार पर रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को हस्तांतरित करने पर कैबिनेट ने सहमति दी।
8. उत्तराखण्ड ग्रीन हाइड्रोजन नीति, 2026 को मंजूरी
राज्य में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “उत्तराखण्ड ग्रीन हाइड्रोजन नीति, 2026” के प्रख्यापन को कैबिनेट ने मंजूरी दी।
यह नीति जल विद्युत जैसे प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर हरित हाइड्रोजन उत्पादन को प्रोत्साहित करेगी, जिससे रोजगार सृजन, कार्बन उत्सर्जन में कमी और जलवायु परिवर्तन लक्ष्यों की पूर्ति संभव होगी।