राज्यपाल ने हेमवती नन्दन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में की शिरकत

उत्तराखंड राज्यपाल ने हेमवती नन्दन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय, देहरादून के सातवें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल ने विद्यार्थियों के परिजनों एवं गुरुजनों को इसकी बधाई देते हुए इसे पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया। बता दें कि एचएनबी मेडिकल विवि के सातवें दीक्षांत समारोह में छात्राओं का परचम लहराया। 57 में से 50 मेडल (स्वर्ण, रजत और कांस्य) छात्राओं के हिस्से आए। जबकि, छात्रों को सात मेडल मिले। इस दौरान बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने बेटियों की इस सफलता पर हर्ष जताया। उन्होंने कहा कि यह क्षण उत्सव की तरह लग रहा है। इस जगह का नाम न्यू होपटाउन है। यहां से उम्मीद की किरण दिख रही है। प्रो. एमसी पंत सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र अवॉर्ड पाने वाली भी चारों छात्राएं रहीं।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि आज चिकित्सा के क्षेत्र में नई तकनीकें अहम भूमिका निभा रही हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स जैसी तकनीकें चिकित्सा प्रक्रिया को सरल और सटीक बना रही हैं। डॉक्टर आधुनिक तकनीकें अपनाने के लिए सदैव तत्पर रहें। इससे मरीजों का इलाज आसान होगा। डॉक्टर के ज्ञान-कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी।

दो हजार 418 विद्यार्थियों को बांटी गई डिग्रियां

एचएनबी मेडिकल विवि के शीशमबाड़ा कैंपस में आयोजित सातवें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि), विशिष्ट अतिथि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और ऋषिकेश एम्स की निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने 2418 मेडिकल, नर्सिंग-पैरामेडिकल छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान कीं। इस अवसर पर मियावाकी वन का उद्घाटन भी किया गया। कुलपति प्रो. ओंकार सिंह ने बताया कि यह जैव विविधतापूर्ण और तेजी से बढ़ने वाला शहरी वन बनेगा।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि आप केवल स्वास्थ्य विशेषज्ञ ही नहीं, बल्कि समाज का मजबूत स्तंभ बन गए हैं। यह केवल आजीविका का साधन मात्र पेशा नहीं है। हमेशा करुणा, सेवा और ईमानदारी की भावना बनाए रखें। चिकित्सा क्षेत्र में चुनौतियां कम नहीं हैं। लम्बी कार्य अवधि, मानसिक दबाव और कठिन परिस्थिति आपके सामने आएंगी, लेकिन यह भी सच है कि आपके उपचार से किसी की जान बच सकती है। यही आपकी सबसे बड़ी सफलता होगी। उन्होंने अंग प्रत्यारोपण को लेकर जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोतरी हो रही है। सभी संवर्ग के पद भरे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की पूर्ति को 2026 तक 400 पीजी सीट का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने सभी विवि को हर साल दीक्षांत समारोह कराने की बात कही। इसके साथ ही, शीशमबाड़ा कैंपस में ही पैरामेडिकल कॉलेज और यूजी एवं पीजी कोर्स चलाने का ऐलान भी किया।

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