दून में महिला कांग्रेसियों ने किया मुख्यमंत्री आवास कूच, ये है वजह

प्रदेश महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महिलाओं पर बढ़ते अपराध रोकने के साथ ही यूसीसी में लिव-इन-रिलेशनशिप का प्रावधान समाप्त किए जाने जैसे मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच किया। इस दौरान महिलाएं गुस्से का इजहार करने के लिए बाकायदा लाल रंग के ड्रेस कोड के साथ सड़क पर उतरीं। पुलिस ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को हाथीबड़कला बैरिकेडिंग पर रोक दिया। महिलाएं बैरिकेडिंग पर चढ़ र्गइं और सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए देर तक प्रदर्शन किया। इस दौरान राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।

प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने दिलाराम स्थित एक मॉल के पास एकत्र होकर मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया। रौतेला ने कहा कि राज्य सरकार के तीन वर्ष के कार्यकाल में हत्या, लूटपाट, चोरी, डकैती, बलात्कार, चेन स्नैचिंग, टप्पेबाजी में भारी वृद्धि हुई है। आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्ष में महिलाओं और नाबालिगों के साथ जितने अपराध हुए, उसने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।

उन्होंने कहा कि अंकिता हत्याकांड में कथित वीआईपी का नाम सरकार तीन साल में भी नहीं बता पाई। देवभूमि की सांस्कृतिक और नैतिक मर्यादाओं को बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि यूसीसी से लिव-इन-रिलेशनशिप जैसे प्रावधान को हटाया जाए। यह न केवल हमारी सामाजिक संरचना को कमजोर करेगा, बल्कि युवाओं को नैतिक रूप से भटकाने का भी काम करेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण बिल संसद में पास करा दिया, पर अभी तक लागू नहीं किया। विधानसभा एवं लोकसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण शीघ्र लागू किया जाए। इस दौरान उपाध्यक्ष आशा मनोरमा शर्मा, महानगर अध्यक्ष उर्मिला ढौंडियाल थापा, महासचिव सुशीला बेलवाल, पुष्पा पंवार, निधि नेगी, अनुराधा तिवारी, मीना शर्मा, जया कर्नाटका, जिलाध्यक्ष खष्टी बिष्ट, राधा बिष्ट, नंदा बिष्ट, गीता पंवार, आशा रावत, मोनिका ढाली, भावना भट्ट, मुन्नी बिष्ट, शोभा बडोनी, प्रतिमा सिंह आदि उपस्थित रहीं।

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